क्या आपको वह सुबह याद है जब अलार्म घड़ी से पहले चिड़ियों की चहचहाहट हमें जगाया करती थी? विशेष रूप से हमारे घरों के आंगन और छतों पर फुदकने वाली वह नन्ही गौरैया। उसकी वह छोटी-सी चहचहाहट सुबह की ताजगी का प्रतीक हुआ करती थी।शायद हम में से बहुत से लोग अब इस सवाल का … Continue reading खामोश होती चहचहाहट और हमारा फर्ज: क्या हम अपनी गौरैया को वापस ला पाएंगे?
